मार्च 14, 2026
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अमेरिका की 500% टैरिफ चेतावनी: भारतीय गारमेंट एक्सपोर्टर्स पर संकट

ट्रंप के 500% टैरिफ का कहर: भारत का कपड़ा निर्यात संकट में! US बाजार (28-30%) पर खतरा। एक्सपोर्टर्स डिस्काउंट देकर फॉल-विंटर उत्पादन चला रहे, नए बाजार यूरोप-अफ्रीका तलाशे। नौकरियां दांव पर!

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अमेरिका की 500% टैरिफ चेतावनी: कपड़ा निर्यात पर संकट

अमेरिका ने रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 500% टैरिफ लगाने का बिल पास किया है, जिससे भारत के कपड़ा निर्यात क्षेत्र पर गहरा संकट मंडरा रहा है। यूएस सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बिल को मंजूरी दी है। भारत का अमेरिका कपड़ा और गारमेंट का सबसे बड़ा बाजार है, जो कुल निर्यात का 28-30% हिस्सा है। 2024-25 में भारत ने $37 अरब का कपड़ा निर्यात किया, लेकिन अब 500% टैरिफ की धमकी से खरीदार भारत से दूर हो रहे हैं।

ट्रंप टैरिफ से पहले ही 50% ड्यूटी का दर्द

पिछले अगस्त में अमेरिका ने 50% टैरिफ लगाए थे, जिससे कपड़ा निर्यातक सर्वाइवल मोड में आ गए। कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन विजय अग्रवाल ने कहा, “खरीदार पूछ रहे हैं कि 500% टैरिफ लगा तो गारंटी कौन लेगा?” अप्रैल-नवंबर 2025 में अपैरल निर्यात में सिर्फ 2.28% बढ़ोतरी हुई, जबकि टेक्सटाइल निर्यात 2.27% गिरा। तिरुपुर जैसे हब में 90% निर्यात प्रभावित हो रहा है, जहां खरीदार अब विकल्प तलाश रहे हैं।

कपड़ा निर्यातक जोखिम उठाने को मजबूर

फैक्ट्री मालिक उत्पादन रोक नहीं सकते। कोलकाता की राजलक्ष्मी कॉटन मिल्स के एमडी रजत जयपुरिया ने बताया, “हमने भारी डिस्काउंट दिए, लेकिन 500% टैरिफ लगे तो यह एम्बार्गो जैसा होगा। 8,000 कर्मचारियों वाली फैक्ट्री कैसे चलेगी?” निर्यातक पड़ोसी देशों से रूट डायवर्ट कर रहे हैं और घरेलू ब्रांड्स को क्षमता शिफ्ट कर रहे हैं। फिर भी, फॉल-विंटर सीजन के लिए मशीनें चालू हैं, भले जोखिम हो।

नए बाजारों की ओर रुख: समाधान संभव?

कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री के आंकड़े बताते हैं कि भारत यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे नए बाजारों की ओर बढ़ रहा है। पुराने रूट मजबूत करने और ट्रेड डील की जरूरत है। एक्सपोर्टर्स कहते हैं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बातचीत तेज हो। अगर 500% टैरिफ लगा तो लाखों नौकरियां खतरे में पड़ेंगी। उद्योग को सरकारी समर्थन और डायवर्सिफिकेशन से उबरना होगा।

Source: Media Reports